केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) युवाओं को पहली बार नौकरी मिलने पर आर्थिक प्रोत्साहन देने और कंपनियों को नए रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली योजना है। इसके तहत पात्र पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को एक महीने के EPF वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक का प्रोत्साहन दो किस्तों में मिल सकता है। यह सामान्य बेरोजगारी भत्ता नहीं है, बल्कि पात्र औपचारिक रोजगार से जुड़ी योजना है।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार दिलाने, EPFO के दायरे में अधिक कर्मचारियों को लाने और कंपनियों को अतिरिक्त भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसलिए केवल बेरोजगार होने से इस योजना का लाभ नहीं मिलता; नौकरी, EPFO/UAN और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं।
Latest Update: PM-VBRY योजना 2026 में क्या नया है?
1 अगस्त 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने योजना के एक वर्ष पूरे होने पर इसकी प्रगति से जुड़ी जानकारी जारी की। सरकारी जानकारी के अनुसार, अगस्त 2025 से योजना के तहत 72 लाख से अधिक पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी औपचारिक कार्यबल में शामिल हुए थे। 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन मिल चुके थे।
सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹99,446 करोड़ का प्रावधान किया है। इसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत पात्र नौकरियों की अवधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक निर्धारित है।
ध्यान दें कि योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार नौकरी और कर्मचारी का EPFO रिकॉर्ड होना जरूरी है। यह योजना सभी युवाओं को केवल आवेदन करने पर ₹15,000 देने वाली स्कीम नहीं है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभ
इस योजना में कर्मचारियों और नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना |
| अंग्रेजी नाम | Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana |
| संक्षिप्त नाम | PM-VBRY |
| शुरुआत | 15 अगस्त 2025 |
| पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को लाभ | एक महीने के EPF वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 |
| प्रोत्साहन भुगतान | दो किस्तों में |
| नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन | पात्र नए कर्मचारी पर ₹3,000 प्रतिमाह तक |
| योजना की अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक |
| आधिकारिक पोर्टल | यहां क्लिक करें |
युवाओं को कितने रुपये मिलेंगे?
पात्र पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। यह राशि दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की निरंतर सेवा पूरी करने तथा निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम की शर्त पूरी करने पर मिलती है। प्रोत्साहन की एक निर्धारित राशि बचत साधन में निवेश की जाती है, जिसे बाद में नियमों के अनुसार निकाला जा सकता है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए केवल बेरोजगार होना पर्याप्त नहीं है। पहली बार औपचारिक रोजगार में आने वाले कर्मचारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं।
• कर्मचारी पहली बार EPFO के दायरे में आने वाली नौकरी शुरू कर रहा हो।
• कर्मचारी का वेतन और रोजगार योजना के निर्धारित नियमों के अनुरूप हो। पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए मासिक वेतन की सीमा ₹1 लाख तक है।
• कर्मचारी के पास UAN यानी Universal Account Number होना चाहिए और उसे UMANG ऐप की Face Authentication Technology (FAT) के माध्यम से सत्यापित करना जरूरी है।
• आधार प्रमाणीकरण और बैंक खाते में DBT के माध्यम से भुगतान की आवश्यक शर्तें पूरी होनी चाहिए।
• दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की निरंतर सेवा और निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम की शर्त पूरी करनी होगी।
महत्वपूर्ण: यदि आप पहले से नौकरी कर रहे हैं और EPFO के सदस्य हैं, तो केवल इस योजना में आवेदन करने से आपको पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी वाला लाभ नहीं मिलेगा। पात्रता का निर्धारण EPFO रिकॉर्ड और योजना के नियमों के आधार पर होता है।
PM-VBRY योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना में कर्मचारी और नियोक्ता की भूमिका अलग-अलग है। नियोक्ता को पात्र प्रतिष्ठान और रोजगार से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जबकि कर्मचारी को अपना UAN और आधार प्रमाणीकरण पूरा रखना चाहिए

स्टेप 1: सबसे पहले PM-VBRY के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: योजना के नियम और कर्मचारी से संबंधित पात्रता की जानकारी पढ़ें।
स्टेप 3: यदि आप पहली बार नौकरी कर रहे हैं, तो अपने नियोक्ता से सुनिश्चित करें कि आपका रोजगार EPFO में सही तरीके से दर्ज है और आवश्यक योगदान जमा हो रहा है।
स्टेप 4: UMANG ऐप के माध्यम से Face Authentication Technology का इस्तेमाल करके UAN जनरेट या सत्यापित करें। यदि आपका UAN पहले से है, तो उसकी स्थिति और प्रमाणीकरण जांचें।
स्टेप 5: बैंक खाते में DBT की सुविधा और आधार से संबंधित जानकारी सही रखें। पात्रता पूरी होने पर योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रोत्साहन का भुगतान किया जाता है।
नियोक्ताओं के लिए: कंपनियां आधिकारिक पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करके पात्र अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन का दावा कर सकती हैं।
Important Note: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कोई ऐसी भर्ती नहीं है जिसमें सरकार सीधे सभी बेरोजगार युवाओं को नौकरी या ₹15,000 देने का वादा करती हो। यह रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना है। सरकार ने कुछ फर्जी वेबसाइटों के बारे में चेतावनी भी जारी की है, जो योजना के नाम पर भर्ती का दावा करती थीं। किसी वेबसाइट पर पंजीकरण शुल्क जमा करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले उसका सरकारी होना जरूर जांचें।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के महत्वपूर्ण लिंक
| काम | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| योजना का आधिकारिक पोर्टल | यहां क्लिक करें |
| योजना की जानकारी और नियम | सम्पूर्ण जानकारी देखें |
| श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की जानकारी | आधिकारिक वेबसाइट खोलें |
| UAN और EPFO से संबंधित सेवाएं | EPFO की वेबसाइट पर जाएं |
| UMANG ऐप | आधिकारिक UMANG पोर्टल खोलें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न . 1: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
उत्तर: पात्र पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। भुगतान निर्धारित शर्तों के अनुसार दो किस्तों में किया जाता है।
प्रश्न . 2: क्या बेरोजगार युवा बिना नौकरी के ₹15,000 पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं। यह सामान्य बेरोजगारी भत्ता नहीं है। इसका लाभ पात्र औपचारिक रोजगार और EPFO से जुड़ी शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलता है।
प्रश्न . 3: योजना का लाभ लेने के लिए UAN जरूरी है?
उत्तर: हां। पात्र कर्मचारी को UAN जनरेट या सत्यापित करना होता है। इसके लिए UMANG ऐप पर Face Authentication Technology की प्रक्रिया लागू है।
प्रश्न . 4: पहली किस्त कब मिलती है?
उत्तर: पात्र कर्मचारी को पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने के बाद मिलती है। दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की निरंतर सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम से संबंधित शर्तें पूरी करनी होती हैं।
प्रश्न . 5: क्या पहले से नौकरी करने वाले युवाओं को इसका लाभ मिलेगा?
उत्तर: केवल पहले से नौकरी करने के आधार पर लाभ नहीं मिलता। पहली बार औपचारिक रोजगार में आने वाले कर्मचारियों और पात्र रोजगार से संबंधित निर्धारित नियम लागू होते हैं।
प्रश्न . 6: PM-VBRY योजना की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर: योजना के तहत पात्र रोजगार की अवधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक निर्धारित है। हालांकि, लाभ के लिए अन्य सभी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
प्रश्न . 7: क्या इस योजना के लिए किसी एजेंट को पैसे देने पड़ते हैं?
उत्तर: किसी अनजान एजेंट को पैसे न दें। योजना की जानकारी और संबंधित सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल का उपयोग करें।
Disclaimer: यह लेख प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से संबंधित आधिकारिक सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पात्रता, भुगतान और पंजीकरण से जुड़े अंतिम निर्णय योजना के वर्तमान नियमों के अनुसार होंगे। आवेदन या प्रक्रिया पूरी करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी जरूर जांचें।




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