नमस्ते दोस्तों! अगर आपने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में अग्निवीर के रूप में सेवा शुरू की है, तो 4 नवंबर 2026 की यह खबर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। अब तक अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित थी। चार साल पूरे होने के बाद अधिकतम 25% अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल करने का अवसर मिलता था, जबकि बाकी 75% जवानों को सेवा पूरी करके बाहर आना पड़ता था।
लेकिन अब केंद्र सरकार की नई घोषणा के बाद अग्निवीरों के लिए एक अतिरिक्त रास्ता खुला है। CDS जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर 2026 को बताया कि जिन 75% अग्निवीरों को पहले चार साल बाद सेवा से बाहर होना था, उन्हें अब दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जो अग्निवीर सेना में आगे भी रहना चाहेंगे, उन्हें नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरने का मौका मिलेगा।
इस बदलाव का मतलब यह है कि अग्निवीरों के लिए सेवा की संभावित अवधि चार साल से बढ़कर छह साल तक हो सकती है। हालांकि, इसे सभी अग्निवीरों की पक्की नौकरी नहीं समझना चाहिए। अतिरिक्त दो साल की सेवा और उसके बाद नियमित कैडर में चयन, दोनों के अपने नियम होंगे। नई घोषणा में बेहतर प्रदर्शन और वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर आगे का अवसर देने की बात कही गई है। आइए विस्तार से समझते हैं कि अग्निवीरों के लिए क्या बदला है, किन जवानों को फायदा मिल सकता है, वेतन को लेकर क्या जानकारी सामने आई है और नियमित सैनिक बनने का रास्ता कैसे काम करेगा।

अग्निवीर योजना में क्या बड़ा बदलाव हुआ है? 75% जवानों को अब क्या मिलेगा?
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। इस योजना के माध्यम से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में जवानों की भर्ती के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत चयनित युवाओं को अग्निवीर के रूप में चार साल के लिए सेवा का अवसर दिया जाता है। इस अवधि में सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, तकनीकी कौशल और संबंधित सैन्य जिम्मेदारियों का अनुभव मिलता है।
पुरानी व्यवस्था के अनुसार चार साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर दिया जा सकता था। यह चयन प्रदर्शन, संगठन की जरूरत और निर्धारित पात्रता के आधार पर होता था। बाकी 75% अग्निवीरों को चार साल पूरे होने पर सेवा से मुक्त होना था। उन्हें सेवा निधि पैकेज और कौशल प्रमाणपत्र जैसे लाभ दिए जाते थे।
अब 4 नवंबर 2026 को सामने आई नई घोषणा ने इसी व्यवस्था में बदलाव किया है। CDS की घोषणा के अनुसार, पहले जिन 75% अग्निवीरों को चार साल बाद बाहर होना था, उन्हें दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें सैन्य सेवा में अधिक समय तक काम करने और अपने प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का मौका देना है।
नई घोषणा में मुख्य रूप से ये बदलाव सामने आए हैं:
| विवरण | नई जानकारी |
|---|---|
| घोषणा की तारीख | 4 नवंबर 2026 |
| घोषणा करने वाले | CDS जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि |
| अतिरिक्त सेवा | 2 साल |
| किसे अवसर मिलेगा | पहले बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को |
| संभावित कुल सेवा अवधि | 6 साल तक |
| नियमित कैडर का अवसर | अतिरिक्त अवधि के बाद चयन के आधार पर |
| चयन का आधार | प्रदर्शन और वस्तुनिष्ठ मानदंड |
| वेतन | बढ़े हुए पारिश्रमिक की बात कही गई, विस्तृत वेतन तालिका स्पष्ट नहीं |
क्या अब 75% अग्निवीरों को पक्की नौकरी मिल जाएगी?
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यही है। कई जगह यह दावा किया जा रहा है कि अब 75% अग्निवीरों की नौकरी पक्की हो जाएगी। लेकिन घोषणा को ध्यान से समझना जरूरी है।
अभी जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार 75% अग्निवीरों को पहले दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इसके बाद जो जवान नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। CDS ने चयन को वस्तुनिष्ठ मानदंडों से जोड़ने की बात कही है।
इसका मतलब है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा मिलने और नियमित सैनिक के रूप में स्थायी रूप से शामिल होने के बीच अंतर रहेगा। हर अग्निवीर को अपने प्रदर्शन, पात्रता, मेडिकल फिटनेस और संबंधित सेवा के नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि सभी 75% जवानों को बिना किसी चयन के स्थायी नौकरी मिल जाएगी।
पहले बैच के अग्निवीरों के लिए यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
अग्निपथ योजना के तहत पहला बैच वर्ष 2022 में भर्ती हुआ था। चार साल की अवधि पूरी होने के करीब आने के कारण 2026 में बड़ी संख्या में अग्निवीरों के भविष्य को लेकर चर्चा चल रही थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहले बैच के लगभग 18,000 से अधिक अग्निवीरों की सेवा अवधि इस साल पूरी होने वाली थी।
पुरानी व्यवस्था में इन जवानों के सामने चार साल बाद सेवा से बाहर आने या उपलब्ध 25% नियमित चयन प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प था। अब नई घोषणा के बाद बाकी जवानों के लिए भी दो साल और सेवा करने का अवसर सामने आया है।
इससे जवानों को अतिरिक्त सैन्य अनुभव मिलेगा। साथ ही, उन्हें अपने प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर नियमित कैडर में शामिल होने का एक और अवसर मिल सकता है। हालांकि, पहले बैच के अलग-अलग सेवा अंगों में लागू होने वाली प्रक्रिया और तारीखों की जानकारी संबंधित आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।
क्या यह बदलाव केवल भारतीय सेना के लिए है?
अग्निपथ योजना भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना तीनों में लागू है। 4 नवंबर की घोषणा सशस्त्र बलों के अग्निवीरों के संबंध में बताई गई है। इसलिए इसे केवल थल सेना तक सीमित मानना सही नहीं होगा।
हालांकि, तीनों सेवाओं में पदों, काम की प्रकृति, प्रशिक्षण, मेडिकल मानकों और चयन प्रक्रिया में अंतर हो सकता है। इसलिए सेना के अग्निवीर, नौसेना के अग्निवीर और अग्निवीर वायु के लिए विस्तृत नियम संबंधित सेवा मुख्यालय के आदेशों से समझने होंगे।
अग्निवीरों की सैलरी बढ़ेगी या नहीं? दो साल के एक्सटेंशन में कितना पैसा मिलेगा?
नई घोषणा के बाद अग्निवीरों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वेतन को लेकर है। खबरों में अतिरिक्त सेवा के साथ बढ़े हुए पारिश्रमिक (Enhanced Emoluments) का उल्लेख किया गया है। इसका अर्थ है कि अतिरिक्त सेवा अवधि में अग्निवीरों को पहले की तुलना में बेहतर भुगतान देने की बात सामने आई है।
लेकिन यहां एक जरूरी सावधानी है। अभी उपलब्ध घोषणा और मीडिया रिपोर्टों में सभी रैंक या सेवा वर्गों के लिए नई मासिक वेतन राशि की पूरी आधिकारिक तालिका स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी निश्चित नई सैलरी को पक्का बताना सही नहीं होगा। जब रक्षा मंत्रालय या संबंधित सेवा मुख्यालय विस्तृत आदेश जारी करेगा, तभी यह स्पष्ट होगा कि किस श्रेणी के अग्निवीर को कितनी राशि मिलेगी और वेतन में कितना अंतर होगा।
पुरानी अग्निवीर सैलरी कितनी थी?
अग्निपथ योजना के मूल वेतन ढांचे के अनुसार अग्निवीरों को चार साल की सेवा के दौरान हर साल अलग-अलग मासिक पैकेज मिलता था। इसमें वेतन का एक हिस्सा अग्निवीर के खाते में जाता था और उतनी ही राशि सरकार सेवा निधि में योगदान करती थी।
| सेवा का वर्ष | मासिक पैकेज | अग्निवीर का अनुमानित योगदान | हाथ में मिलने वाली राशि |
|---|---|---|---|
| पहला वर्ष | ₹30,000 | ₹9,000 | ₹21,000 |
| दूसरा वर्ष | ₹33,000 | ₹9,900 | ₹23,100 |
| तीसरा वर्ष | ₹36,500 | ₹10,950 | ₹25,550 |
| चौथा वर्ष | ₹40,000 | ₹12,000 | ₹28,000 |
यह मूल अग्निपथ योजना का वेतन ढांचा है। लागू भत्ते और अन्य नियम अलग हो सकते हैं। इसे नई दो साल की अतिरिक्त सेवा का वेतन न समझें। अतिरिक्त अवधि के लिए नई वेतन व्यवस्था की आधिकारिक विस्तृत जानकारी आने पर ही अंतिम राशि बताई जा सकेगी।
अतिरिक्त दो साल में वेतन कैसे तय हो सकता है?
अतिरिक्त सेवा अवधि में वेतन तय करने के लिए सरकार और संबंधित सैन्य सेवा को कई पहलुओं पर नियम बनाने होंगे। उदाहरण के लिए, अग्निवीर किस सेवा में है, उसकी जिम्मेदारी क्या है, उसकी रैंक या नियुक्ति किस प्रकार की है और उसे कौन-कौन से भत्ते मिलेंगे।
यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि अतिरिक्त दो साल के दौरान सेवा निधि में योगदान की व्यवस्था पहले जैसी रहेगी या उसमें बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा, क्या अतिरिक्त सेवा के लिए अलग वेतनमान होगा और क्या किसी विशेष तकनीकी या परिचालन जिम्मेदारी के लिए अलग भुगतान मिलेगा, इन बातों की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से ही मिलेगी।
इसलिए अगर कोई वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट अभी से कह रही है कि सभी अग्निवीरों की सैलरी सीधे किसी निश्चित नई रकम पर पहुंच गई है, तो उस दावे को आधिकारिक आदेश देखे बिना सही न मानें।
सेवा निधि पैकेज का क्या होगा?
मूल अग्निपथ योजना में चार साल की सेवा पूरी करके बाहर आने वाले पात्र अग्निवीरों के लिए सेवा निधि पैकेज की व्यवस्था है। इसमें अग्निवीर के वेतन से निर्धारित योगदान और सरकार की ओर से बराबर योगदान शामिल होता है। लागू ब्याज के साथ सेवा निधि की राशि दी जाती है।
लेकिन अब दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर के बाद सेवा निधि की गणना कैसे होगी, यह नई व्यवस्था के विस्तृत नियमों पर निर्भर करेगा। यह देखना जरूरी होगा कि सेवा निधि की गणना छह साल की कुल सेवा के आधार पर होगी या पहले चार साल और अतिरिक्त दो साल के लिए अलग-अलग नियम होंगे।
अभी बिना आधिकारिक विवरण के यह दावा नहीं करना चाहिए कि सेवा निधि की अंतिम राशि निश्चित रूप से कितनी होगी। अग्निवीरों को अपने बैंक खाते, सेवा रिकॉर्ड और संबंधित यूनिट से मिलने वाले आधिकारिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए।
क्या अग्निवीरों को पेंशन भी मिलेगी?
दो साल का सेवा विस्तार मिलने का मतलब अपने आप पेंशन का अधिकार मिल जाना नहीं है। मूल अग्निपथ योजना में चार साल के बाद नियमित कैडर में चयनित न होने वाले अग्निवीरों के लिए सामान्य नियमित सैनिकों जैसी पेंशन की व्यवस्था नहीं थी।
अब नई घोषणा में अतिरिक्त सेवा और नियमित कैडर में आगे चयन का अवसर बताया गया है। लेकिन अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभों पर क्या नियम लागू होंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी विस्तृत सरकारी आदेश से ही मिलेगी।
यदि कोई अग्निवीर आगे चलकर नियमित कैडर में चयनित होता है, तो उसके सेवा लाभ संबंधित नियमित सेवा नियमों के अनुसार तय होंगे। इसलिए अतिरिक्त सेवा को सीधे पेंशन वाली स्थायी नौकरी मान लेना सही नहीं है।
अग्निवीर से नियमित सैनिक बनने का नया रास्ता, चयन और भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव?
नई घोषणा का सबसे बड़ा उद्देश्य अग्निवीरों को चार साल के बाद ही बाहर होने की स्थिति से आगे एक अतिरिक्त अवसर देना है। अब अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने की संभावना भी बताई गई है।
लेकिन इसके लिए चयन प्रक्रिया का महत्व पहले से भी अधिक होगा। केवल सेवा में बने रहना ही पर्याप्त नहीं होगा। जवानों का प्रदर्शन, अनुशासन, प्रशिक्षण, मेडिकल फिटनेस और संबंधित सेवा की जरूरतें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
नियमित सैनिक बनने का नया रास्ता कैसे समझें?
इसे आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं:
पहले अग्निवीर चार साल तक सेवा करते थे। इसके बाद अधिकतम 25% जवानों को नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर मिलता था। बाकी 75% सेवा पूरी करके बाहर आते थे।
अब नई घोषणा के अनुसार, बाकी 75% जवानों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इस अतिरिक्त अवधि के बाद जो जवान आगे भी सेना में रहना चाहेंगे, वे नियमित कैडर में शामिल होने के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार विचार किए जा सकते हैं।
इस तरह संभावित रास्ता होगा:
- अग्निवीर के रूप में शुरुआती चार साल की सेवा।
- निर्धारित व्यवस्था के अनुसार नियमित कैडर में चयन का अवसर।
- पहले बाहर होने वाले 75% जवानों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर।
- अतिरिक्त सेवा के दौरान प्रदर्शन और पात्रता का मूल्यांकन।
- इसके बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए चयन प्रक्रिया।
- चयनित जवानों को संबंधित नियमित सेवा नियमों के अनुसार आगे की सेवा।
यह एक सामान्य समझाने वाला क्रम है। वास्तविक प्रक्रिया, आवेदन, चयन की संख्या और सेवा-वार नियम आधिकारिक आदेश में स्पष्ट होंगे।
क्या सभी 75% अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा?
घोषणा में शेष 75% अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल की सेवा और उसके बाद नियमित बलों में शामिल होने का अवसर देने की बात सामने आई है। लेकिन नियमित कैडर में अंतिम चयन के लिए वस्तुनिष्ठ मापदंड लागू होंगे।
इसका अर्थ यह है कि अवसर और अंतिम चयन एक ही बात नहीं हैं। किसी जवान को अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलना यह साबित नहीं करता कि उसकी स्थायी नियुक्ति हो चुकी है। उसे निर्धारित प्रक्रिया, प्रदर्शन मूल्यांकन और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
इसलिए अग्निवीरों को अपनी सेवा के दौरान अनुशासन, प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और काम के रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यूनिट से मिलने वाले निर्देशों का पालन करना और अपने सेवा रिकॉर्ड की जानकारी रखना भी महत्वपूर्ण है।
क्या भर्ती परीक्षा का तरीका भी बदलेगा?
4 नवंबर की घोषणा में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा एक और बदलाव बताया गया है। CDS के अनुसार अब लिखित परीक्षा शारीरिक परीक्षा से पहले आयोजित करने की व्यवस्था की जाएगी। यानी भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट का क्रम बदलेगा।
पहले जिन अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा पहले देने की आदत थी, उन्हें नए भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार तैयारी करनी होगी। लिखित परीक्षा पहले होने से उम्मीदवारों को शुरुआत से ही सामान्य ज्ञान, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संबंधित ट्रेड के विषयों पर ध्यान देना होगा।
हालांकि, अलग-अलग पदों और सेवाओं के लिए परीक्षा का पाठ्यक्रम अलग हो सकता है। इसलिए उम्मीदवारों को अपने पद के लिए जारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन ही अंतिम मानना चाहिए। इस बदलाव को हर भर्ती श्रेणी पर एक जैसा लागू मानने से पहले संबंधित सेवा का नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।
अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट भी मिलेगा
नई घोषणा में अग्निवीरों के प्रशिक्षण और सेवा के दौरान हासिल किए गए कौशल को प्रमाणित करने के लिए स्किल सर्टिफिकेट का भी उल्लेख किया गया है। यह प्रमाणपत्र आगे नौकरी तलाशने वाले जवानों के लिए उपयोगी हो सकता है।
उदाहरण के लिए, किसी अग्निवीर ने संचार उपकरणों, तकनीकी रखरखाव, वाहन संचालन, प्रशासनिक कार्य, लॉजिस्टिक्स या अन्य विशेष जिम्मेदारी में प्रशिक्षण लिया है। उसके अनुभव और कौशल को प्रमाणित करने वाला दस्तावेज नागरिक क्षेत्र में नौकरी के आवेदन के समय मदद कर सकता है।
लेकिन स्किल सर्टिफिकेट का अर्थ यह नहीं है कि किसी निजी कंपनी या सरकारी विभाग में नौकरी अपने आप मिल जाएगी। यह केवल प्रशिक्षण और कौशल का प्रमाण है। नौकरी के लिए संबंधित विभाग या कंपनी की पात्रता और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अग्निवीरों के लिए अब किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है?
यदि आप पहले से अग्निवीर के रूप में सेवा कर रहे हैं, तो इस नई घोषणा के बाद सबसे जरूरी है कि आप अपने यूनिट या संबंधित सेवा मुख्यालय से मिलने वाले निर्देशों पर ध्यान दें।
अपने सेवा रिकॉर्ड, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, मेडिकल रिकॉर्ड और प्रदर्शन से संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें। अतिरिक्त सेवा के लिए आपकी पात्रता, सहमति, चयन की प्रक्रिया और वेतन संबंधी जानकारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट हो सकती है।
यदि आप भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और अभी अग्निवीर नहीं बने हैं, तो भर्ती की पात्रता, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल मानक और परीक्षा पैटर्न के लिए अपने पद का नवीनतम नोटिफिकेशन देखें। केवल सेवा विस्तार की खबर के आधार पर भर्ती के नियम या स्थायी नौकरी की गारंटी न मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: अग्निवीरों को कितने साल का सर्विस एक्सटेंशन मिलेगा?
उत्तर: 4 नवंबर 2026 की घोषणा के अनुसार पहले चार साल बाद बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इससे उनकी संभावित कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है।
प्रश्न 2: क्या अब 75% अग्निवीरों की पक्की नौकरी हो जाएगी?
उत्तर: नहीं, इसे सभी की पक्की नौकरी नहीं समझना चाहिए। अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर बताया गया है, लेकिन अंतिम चयन प्रदर्शन और निर्धारित वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर होगा।
प्रश्न 3: अग्निवीरों की सैलरी कितनी बढ़ेगी?
उत्तर: घोषणा में बढ़े हुए पारिश्रमिक का उल्लेख किया गया है, लेकिन सभी श्रेणियों के लिए नई मासिक सैलरी की विस्तृत आधिकारिक तालिका अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए नई निश्चित रकम बताने के लिए संबंधित सरकारी आदेश का इंतजार करना चाहिए।
प्रश्न 4: क्या यह बदलाव भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों पर लागू होगा?
उत्तर: घोषणा अग्निपथ योजना के अग्निवीरों के संबंध में की गई है, जो तीनों सशस्त्र सेवाओं में लागू है। हालांकि, सेवा-वार कार्यान्वयन और विस्तृत नियम संबंधित सेवा मुख्यालय के निर्देशों से स्पष्ट होंगे।
प्रश्न 5: क्या पहले से सेवा कर रहे अग्निवीरों को भी इसका लाभ मिलेगा?
उत्तर: घोषणा का संबंध उन अग्निवीरों से है जिन्हें चार साल पूरे होने के बाद पहले बाहर होना था। किस बैच और किस सेवा के जवानों पर कौन-सी प्रक्रिया लागू होगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक आदेश से करनी होगी।
प्रश्न 6: क्या अग्निवीरों को अब पेंशन मिलेगी?
उत्तर: केवल दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलने से पेंशन का अधिकार अपने आप नहीं मिलता। पेंशन और अन्य सेवा लाभों के नियम विस्तृत सरकारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट होंगे। नियमित कैडर में चयनित जवानों पर संबंधित सेवा नियम लागू होंगे।
प्रश्न 7: क्या अग्निवीरों की भर्ती में लिखित परीक्षा पहले होगी?
उत्तर: 4 नवंबर की घोषणा में लिखित परीक्षा को शारीरिक परीक्षा से पहले कराने की बात कही गई है। उम्मीदवारों को अपने पद और सेवा का नया भर्ती नोटिफिकेशन देखकर परीक्षा का क्रम और नियम समझने चाहिए।
प्रश्न 8: क्या अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट मिलेगा?
उत्तर: घोषणा में अग्निवीरों के प्रशिक्षण और सेवा के दौरान अर्जित कौशल को प्रमाणित करने वाले स्किल सर्टिफिकेट का उल्लेख किया गया है। इससे उन्हें भविष्य में नागरिक क्षेत्र में नौकरी तलाशने में मदद मिल सकती है।
प्रश्न 9: क्या दो साल के एक्सटेंशन के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
उत्तर: आवेदन, सहमति और चयन की प्रक्रिया के विस्तृत नियम अभी संबंधित आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होने हैं। अग्निवीरों को अपनी यूनिट और सेवा मुख्यालय से मिलने वाले आदेशों का पालन करना चाहिए।
प्रश्न 10: अग्निवीर योजना की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
उत्तर: आप भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइटों पर भर्ती तथा सेवा संबंधी आदेश देख सकते हैं। नई व्यवस्था की अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना को ही मान्य समझें।
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Disclaimer: यह लेख 4 नवंबर 2026 को सामने आई अग्निवीर सेवा विस्तार संबंधी घोषणा और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। दो साल की अतिरिक्त सेवा, वेतन, चयन प्रक्रिया, पेंशन और अन्य सेवा लाभों के विस्तृत नियम संबंधित सरकारी आदेश जारी होने पर ही अंतिम रूप से स्पष्ट होंगे। नियमित कैडर में चयन की गारंटी सभी अग्निवीरों के लिए नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले रक्षा मंत्रालय और संबंधित सशस्त्र सेवा की आधिकारिक सूचना अवश्य जांचें।



