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शिक्षक भर्ती के नियम बदलेगी केंद्र सरकार: ITEP बनेगी न्यूनतम योग्यता, जानिए B.Ed और D.El.Ed की डिग्री पर क्या पड़ेगा असर
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शिक्षक भर्ती के नियम बदलेगी केंद्र सरकार: ITEP बनेगी न्यूनतम योग्यता, जानिए B.Ed और D.El.Ed की डिग्री पर क्या पड़ेगा असर

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Sneha Saini
By: Sneha Saini ✓
On: Sunday, November 1, 2026 10:28 AM

अगर आप B.Ed, D.El.Ed या B.El.Ed कर चुके हैं अथवा शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो शिक्षक भर्ती से जुड़ी यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक भर्ती की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और CTET व STET की पात्रता शर्तों की समीक्षा के लिए दो विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य चार वर्षीय Integrated Teacher Education Programme (ITEP) को शिक्षक भर्ती के लिए मान्य योग्यता के रूप में शामिल करने के लिए नियमों में जरूरी संशोधन सुझाना है।

इस खबर के सामने आने के बाद B.Ed और D.El.Ed अभ्यर्थियों के मन में सवाल है कि क्या अब इन डिग्रियों की मान्यता समाप्त हो जाएगी? फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रस्तावित बदलावों में ITEP को मौजूदा योग्यताओं के साथ एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में शामिल करने की तैयारी है।

Teacher Recruitment Rules 2026: संक्षिप्त जानकारी?

विवरणजानकारी
संबंधित संस्थाNational Council for Teacher Education (NCTE)
विषयशिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता में बदलाव
प्रस्तावित नया कोर्सITEP
ITEP का पूरा नामIntegrated Teacher Education Programme
कोर्स की अवधि4 वर्ष
संबंधित परीक्षाएंCTET और STET
गठित समितियां2 विशेषज्ञ समितियां
पहली समिति के अध्यक्षप्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी
दूसरी समिति के अध्यक्षप्रो. चंद्र किरण सलूजा
पहला ITEP बैच2027 में पासआउट होने की उम्मीद
B.Ed और D.El.Ed की स्थितिमौजूदा मान्यता समाप्त करने का फैसला नहीं
संबंधित आधिकारिक संस्थाNCTE

शिक्षक भर्ती के नियमों में क्या बदलाव होने जा रहा है?

देश में स्कूल शिक्षकों की भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं की समीक्षा की जा रही है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE ने 8 अक्टूबर और 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेशों के माध्यम से दो अलग-अलग विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है।

पहली समिति शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से जुड़े NCTE के वर्ष 2014 के नियमों की समीक्षा करेगी। इसमें ITEP को भी मान्य योग्यता के रूप में शामिल करने के लिए संशोधन का मसौदा तैयार किया जाना है।

दूसरी समिति CTET और STET की मौजूदा पात्रता शर्तों की समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य यह देखना है कि चार वर्षीय ITEP डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर किस प्रकार दिया जा सकता है।

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ITEP का पहला बैच वर्ष 2027 में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाला है। वर्तमान नियमों में इस नई डिग्री का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने के कारण इसे शिक्षक भर्ती और पात्रता परीक्षाओं की शर्तों में शामिल करने की जरूरत महसूस की गई है।

हालांकि, अभी विशेषज्ञ समितियों को नियमों की समीक्षा और सिफारिशें तैयार करने का काम दिया गया है। अंतिम बदलाव तभी लागू होंगे जब संबंधित संशोधन आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए जाएंगे।

ITEP कोर्स क्या है और इसकी पढ़ाई कितने साल की होती है?

ITEP का पूरा नाम Integrated Teacher Education Programme है। यह 12वीं कक्षा पास करने के बाद किया जाने वाला चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि भविष्य के शिक्षकों को विषय ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा सके।

पारंपरिक व्यवस्था में विद्यार्थी पहले तीन या चार वर्ष की स्नातक डिग्री पूरी करते हैं और उसके बाद दो वर्षीय B.Ed कोर्स करते हैं। इस तरह शिक्षक बनने की शैक्षणिक तैयारी में अधिक समय लगता है।

वहीं ITEP में स्नातक स्तर की पढ़ाई और शिक्षक प्रशिक्षण को एक ही चार वर्षीय कार्यक्रम में शामिल किया गया है। विद्यार्थी 12वीं के बाद इस कोर्स में प्रवेश लेकर निर्धारित विषय और शिक्षक प्रशिक्षण की पढ़ाई एक साथ कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम को स्कूली शिक्षा के 5+3+3+4 ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी स्तर के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों को तैयार करना है।

NCTE के अक्टूबर 2026 के आदेश से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार देश के 409 उच्च शिक्षण संस्थानों को ITEP संचालित करने की मान्यता दी गई है। इन संस्थानों में कुल 777 यूनिट के माध्यम से 38,850 सीटों की क्षमता बताई गई है।

B.Ed और D.El.Ed करने वाले अभ्यर्थियों पर क्या असर पड़ेगा?

शिक्षक भर्ती के नए प्रस्ताव को लेकर सबसे अधिक चिंता उन अभ्यर्थियों को है जिन्होंने B.Ed या D.El.Ed की पढ़ाई पूरी कर ली है अथवा अभी कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि ITEP को न्यूनतम योग्यता बनाने के बाद उनकी डिग्री की उपयोगिता समाप्त हो सकती है।

लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य ITEP को मौजूदा मान्य योग्यताओं की सूची में शामिल करना है। B.Ed, D.El.Ed और B.El.Ed जैसे कोर्स को हटाने का कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

इसका मतलब है कि B.Ed और D.El.Ed अभ्यर्थियों को अभी अपनी डिग्री को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वे संबंधित शिक्षक भर्ती के वर्तमान नियमों के अनुसार पात्रता की जांच कर सकते हैं।

हालांकि, शिक्षक भर्ती में कौन-सी डिग्री किस कक्षा स्तर के लिए मान्य होगी, यह संबंधित पद के नियमों और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पर निर्भर करेगा। इसलिए केवल B.Ed या D.El.Ed की डिग्री होना हर शिक्षक पद के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता। CTET या STET जैसी आवश्यक पात्रता परीक्षा और अन्य शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।

कोर्सवर्तमान स्थिति
B.Edमौजूदा मान्यता समाप्त करने का फैसला नहीं
D.El.Edमौजूदा मान्यता समाप्त करने का फैसला नहीं
B.El.Edमौजूदा योग्यताओं में शामिल
ITEPनियमों में स्पष्ट रूप से शामिल करने के लिए समीक्षा जारी

ITEP को लेकर NCTE ने कितनी समितियां बनाई हैं?

शिक्षक भर्ती के नियमों और पात्रता परीक्षाओं में बदलाव की सिफारिश करने के लिए NCTE ने दो अलग-अलग विशेषज्ञ समितियां बनाई हैं। दोनों समितियों की जिम्मेदारी अलग रखी गई है।

पहली समिति: प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी की अध्यक्षता में?

NCTE ने 8 अक्टूबर 2026 को पूर्व IAS अधिकारी प्रो. निर्मलजीत सिंह कलसी की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति का गठन किया। इस समिति को शिक्षक भर्ती की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से जुड़े वर्ष 2014 के नियमों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति का मुख्य काम ITEP को शिक्षक भर्ती की मान्य न्यूनतम योग्यता में शामिल करने के लिए संशोधन का मसौदा तैयार करना है। इसके लिए समिति को आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें NCTE अध्यक्ष को सौंपने के लिए कहा गया था।

इस समिति में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, CBSE, KVS, NVS, Rehabilitation Council of India और हरियाणा SCERT सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षाविद शामिल हैं।

दूसरी समिति: प्रो. चंद्र किरण सलूजा की अध्यक्षता में?

दूसरी समिति का गठन 12 अक्टूबर 2026 को किया गया। इसकी अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर चंद्र किरण सलूजा कर रहे हैं। इस समिति में कुल 10 सदस्य शामिल हैं।

इसका प्रमुख कार्य CTET और STET की मौजूदा पात्रता शर्तों की समीक्षा करना और ITEP डिग्रीधारकों को इन परीक्षाओं में शामिल करने के लिए आवश्यक बदलाव सुझाना है।

समिति को अपनी सिफारिशें और TET दिशानिर्देशों में प्रस्तावित संशोधन 31 अक्टूबर 2026 तक NCTE को सौंपने के लिए कहा गया था।

इस पैनल में NCERT, शिक्षा मंत्रालय, CBSE, KVS और NVS के प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षाविद शामिल हैं।

CTET और STET की पात्रता में क्या बदलाव हो सकता है?

CTET का पूरा नाम Central Teacher Eligibility Test और STET का पूरा नाम State Teacher Eligibility Test है। ये परीक्षाएं शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों की पात्रता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वर्तमान व्यवस्था में कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित हैं। इनमें D.El.Ed, B.El.Ed, B.Ed और चार वर्षीय एकीकृत BA.Ed/B.Sc.Ed जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। संबंधित स्तर के अनुसार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी होता है।

अब NCTE की दूसरी समिति यह समीक्षा कर रही है कि ITEP को भी CTET और STET की पात्रता सूची में किस तरह शामिल किया जाए।

यदि प्रस्तावित संशोधन अधिसूचित होते हैं, तो निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले ITEP स्नातकों को भी संबंधित पात्रता परीक्षाओं में बैठने का रास्ता मिल सकता है।

फिलहाल CTET या STET के नियमों में बदलाव लागू हो जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभ्यर्थियों को नई अधिसूचना जारी होने तक मौजूदा पात्रता नियमों को ही आधार मानना चाहिए।

क्या 2030 तक ITEP शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता बन जाएगा?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्ष 2030 तक स्कूल शिक्षकों के लिए चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा डिग्री को न्यूनतम योग्यता बनाने की परिकल्पना की गई है।

इसका उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और भविष्य में स्कूलों के अलग-अलग स्तरों के लिए प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करना है।

ITEP इसी दिशा में तैयार किया गया कार्यक्रम है। इसमें विद्यार्थी 12वीं के बाद चार वर्ष तक एकीकृत स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण की पढ़ाई करते हैं।

लेकिन NEP 2020 में तय किए गए दीर्घकालिक लक्ष्य और वर्तमान में लागू भर्ती नियमों के बीच अंतर समझना जरूरी है। 2030 का लक्ष्य अपने आप यह नहीं बताता कि आज से B.Ed और D.El.Ed की डिग्रियां अमान्य हो गई हैं।

इन पाठ्यक्रमों की पात्रता और मान्यता में कोई बदलाव तभी प्रभावी होगा, जब संबंधित नियामक संस्था द्वारा औपचारिक नियम और अधिसूचना जारी की जाएगी।

शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अभी क्या करना चाहिए?

यदि आप B.Ed, D.El.Ed या ITEP कर रहे हैं अथवा शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो फिलहाल जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने की जरूरत नहीं है।

B.Ed और D.El.Ed के अभ्यर्थियों को अपने कोर्स की मान्यता, संबंधित कक्षा स्तर के लिए पात्रता और CTET/STET की शर्तों पर ध्यान देना चाहिए।

12वीं के बाद शिक्षक बनने की योजना बना रहे विद्यार्थियों के लिए ITEP एक चार वर्षीय एकीकृत विकल्प है। हालांकि इसमें प्रवेश लेने से पहले यह जांचना जरूरी है कि संबंधित कॉलेज और कार्यक्रम को NCTE की मान्यता प्राप्त है या नहीं।

इसके साथ ही CTET, STET और राज्यवार शिक्षक भर्ती की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखें। किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट या अधूरी खबर के आधार पर अपनी डिग्री को अमान्य न समझें।

शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी?

विषयजानकारी
नियमों की समीक्षा करने वाली संस्थाNCTE
पहली समिति का गठन8 अक्टूबर 2026
दूसरी समिति का गठन12 अक्टूबर 2026
पहली समिति का कार्यन्यूनतम शिक्षक भर्ती योग्यता की समीक्षा
दूसरी समिति का कार्यCTET और STET पात्रता की समीक्षा
प्रस्तावित नई योग्यताITEP
ITEP की अवधि4 वर्ष
पहला बैच2027 में पासआउट होने की उम्मीद
B.Ed और D.El.Edहटाने का निर्णय नहीं
अंतिम नियमआधिकारिक अधिसूचना के बाद ही लागू होंगे

Teacher Recruitment Rules 2026: महत्वपूर्ण लिंक?

विवरणआधिकारिक लिंक
NCTE की आधिकारिक वेबसाइटNCTE Official Website
NCTE के मौजूदा नियम और विनियमNCTE Regulations
शिक्षा मंत्रालयMinistry of Education
CTET की आधिकारिक वेबसाइटCTET Official Website
सरकारी शिक्षा संबंधी अपडेटPress Information Bureau

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न . 1: ITEP कोर्स क्या है?

उत्तर: ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कोर्स है, जिसे विद्यार्थी 12वीं पास करने के बाद कर सकते हैं। इसमें स्नातक स्तर की पढ़ाई और शिक्षक प्रशिक्षण को एक साथ शामिल किया गया है।

प्रश्न . 2: क्या अब शिक्षक भर्ती के लिए ITEP अनिवार्य हो जाएगा?

उत्तर: अभी ITEP को शिक्षक भर्ती की पात्रता में शामिल करने के लिए NCTE की विशेषज्ञ समितियां नियमों की समीक्षा कर रही हैं। अंतिम बदलाव आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही लागू होंगे।

प्रश्न . 3: क्या B.Ed की डिग्री अमान्य हो जाएगी?

उत्तर: नहीं, फिलहाल B.Ed की मान्यता समाप्त करने का कोई फैसला नहीं हुआ है। प्रस्तावित बदलाव में ITEP को मौजूदा योग्यताओं के साथ शामिल करने की तैयारी है।

प्रश्न . 4: क्या D.El.Ed करने वाले अभ्यर्थियों पर भी असर पड़ेगा?

उत्तर: अभी D.El.Ed की मान्यता समाप्त करने का कोई निर्णय सामने नहीं आया है। इसकी पात्रता संबंधित शिक्षक पद और वर्तमान भर्ती नियमों के अनुसार तय होगी।

प्रश्न . 5: ITEP कितने साल का कोर्स है?

उत्तर: ITEP चार वर्ष का एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम है, जिसे 12वीं कक्षा पास करने के बाद किया जा सकता है।

प्रश्न . 6: NCTE ने शिक्षक भर्ती नियमों में बदलाव के लिए कितनी समितियां बनाई हैं?

उत्तर: NCTE ने दो विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। पहली समिति न्यूनतम शिक्षक भर्ती योग्यता और दूसरी समिति CTET तथा STET की पात्रता शर्तों की समीक्षा करेगी।

प्रश्न . 7: क्या ITEP करने वाले उम्मीदवार CTET और STET दे सकेंगे?

उत्तर: इसके लिए पात्रता नियमों में संशोधन की सिफारिश की जा रही है। जब तक संशोधन आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं होते, तब तक ITEP डिग्री के आधार पर पात्रता मानकर आवेदन नहीं करना चाहिए।

प्रश्न . 8: ITEP का पहला बैच कब पासआउट होगा?

उत्तर: ITEP का पहला बैच वर्ष 2027 में पासआउट होने की उम्मीद है। इसी वजह से NCTE ने भर्ती और पात्रता परीक्षा के नियमों की समीक्षा शुरू की है।

प्रश्न . 9: क्या 2030 तक B.Ed और D.El.Ed बंद हो जाएंगे?

उत्तर: ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। NEP 2020 में 2030 तक चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा डिग्री को न्यूनतम योग्यता बनाने की परिकल्पना है, लेकिन मौजूदा B.Ed और D.El.Ed को समाप्त करने का फैसला घोषित नहीं किया गया है।

Disclaimer: यह लेख NCTE की नियमों की समीक्षा से संबंधित उपलब्ध जानकारी और प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। शिक्षक भर्ती की पात्रता केंद्र, राज्य, भर्ती संस्था और कक्षा स्तर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ITEP को लेकर प्रस्तावित बदलाव अभी नियम संशोधन की प्रक्रिया में हैं। B.Ed, D.El.Ed या अन्य डिग्री की पात्रता के लिए संबंधित भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना अवश्य देखें।

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लेखक परिचय

Sneha Saini

Content Writer | KhabarMitra.in

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